डीवीटी (DVT) के लगभग 10 फीसदी मरीजों की नसों में बनने वाली क्लॉटिंग का फेफड़ों (Lungs) में जाकर फंसने का खतरा रहता है. इसे पल्मोनरी एम्बोजिल्म कहते हैं. इससे फेफड़ों को ऑक्सीजन (Oxygen) नहीं मिलती और ऐसे में मरीज की जान भी जा सकती है.from Latest News हेल्थ & फिटनेस News18 हिंदी https://ift.tt/3uqt3zJ
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